1.सब कुछ पाने के बाद भि हमे एक ईच्छा अबशेष रहे जाता है ,जीबन कि ईच्छा महाराज संघर्ष के पल मेहि अनुभब होता है कि हम जीबन्त हे ।
2.जिनके पास सारे सूख है, उनहे शांति का मूल्य होता है। जिनके पास केबल शांतिही है, उन्हें तो पहले सारे सुख चाहिए। और सुखभी तो सारे संघर्ष से हि मिलता है।
3.शक्ति हातोमे नही, शक्ति हृदयमे होती है। इच्छा है हृद्शक्ति।
4.ईशवरने हमे इतनी छोटी आँखे दी है, किन्तु उन्ही आंखोमें समग्र आकाश को देखने की शक्ति भरि है। फेर मैं छोटी इच्छा राखके ईशवर का अपमान कैसे क्र सकती हूँ।
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